सात साल नहीं चला कल्याणी का पुनर्विवाह तो दो लाख होंगे वसूल

भोपाल। प्रदेश में कल्याणी के विवाह पर सरकार मुख्यमंत्री कल्याणी सहायता योजना में दो लाख रुपए देगी। यह राशि उसी सूरत में मिलेगी, जब विवाह प्रदेश के मूल निवासी व्यक्ति से होगा। इसके साथ ही सात साल के भीतर किसी भी वजह से संबंध विच्छेद हो जाता है तो दो लाख रुपए वसूल किए जाएंगे। सामाजिक न्याय विभाग ने मुख्यमंत्री कल्याणी सहायता योजना के नियम जारी कर लागू कर दिए हैं।

सरकार ने विधवा शब्द के सरकारी दस्तावेजों में उपयोग पर प्रतिबंध लगाते हुए ऐसी महिलाओं को कल्याणी कहने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री कल्याणी सहायता योजना के नियम भी तय कर दिए हैं। इसके तहत पुनर्विवाह होने पर दो लाख रुपए की राशि कल्याणी के बचत खाते में जमा कराए जाएंगे।

सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विवाह संबंध ताउम्र चले, इसके लिए यह शर्त लगाई गई है कि विवाह के सात साल के भीतर यदि विवाह विच्छेद हो जाता है तो राशि वसूल की जाएगी। योजना के दायरे में आने के लिए कल्याणी को शपथ-पत्र के साथ पति की मृत्यु का प्रमाण-पत्र देना होगा।

जिस व्यक्ति से विवाह होगा, उसका मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी होगा। कल्याणी के नाबालिग बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी कल्याणी और उसके पति की होगी। इसके साथ ही 18 साल से 79 की कल्याणी को आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रतिमाह तीन सौ रुपए और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु पर प्रतिमाह पांच सौ रुपए पेंशन भी दी जाएगी।

दुरुपयोग न हो, इसलिए रखा प्रावधान: भार्गव

सामाजिक न्याय मंत्री गोपाल भार्गव का कहना है कि सात साल के भीतर विवाह विच्छेद होने पर राशि वसूली का प्रावधान इसलिए रखा गया है कि योजना का दुरुपयोग न हो। अधिकारियों के साथ बैठक में यह विषय आया था। बात भी सही है कि सिर्फ सरकारी सहायता पाने के लिए विवाह कर लिया जाए और फिर अलग हो जाएं और दोबारा विवाह कर लें तो इसे कैसे रोका जाए। इसके मद्देनजर यह प्रावधान रखा गया है।

सात साल के भीतर कल्याणी को यदि परेशान किया जाता है और वो विवाह विच्छेद कर लेती है तो वसूली का प्रभाव उस पर पड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार मानवीय और सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए समाज हित में योजना बनाती है। हम ये मानकर चलते हैं कि कल्याणी पुनर्विवाह करती है तो वो निभाया जाएगा। यदि भविष्य में यह मुद्दा उठता है कि वसूली कल्याणी के साथ उसके पति से की जाए तो विचार किया जाएगा।

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