बैसाखी: बदलेगी ग्रहों की रफ्तार, दोष होंगे शांत

धर्म डेस्‍क। शनिवार 14 अप्रैल का दिन बहुत सारे संयोग एकसाथ लेकर आ रहा है। सर्वप्रथम भगवान शिव का प्रिय त्यौहार मासिक शिवरात्रि व्रत रहेगा। प्रात: 8 बज कर 12 मिनट पर सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य की मेष संक्रांति एवं वैशाख महीना प्रारंभ हो जाएगा। वैशाख संक्रांति का पुण्यकाल बाद दोपहर 2 बज कर 34 मिनट तक है। इसके अतिरिक्त बहुत सारे मेले लगेंगे जैसे वैशाखी, केरल में विशु मेला प्रारंभ होगा, मंडी में मेला रिवालसर, सिरमौर में मेला राजगढ़, हिमाचल के देहरा गोपीपुर में मेला कालेश्वर महादेव और पिहोवा में श्री संगमेश्वर महादेव। अरुणाय के शिव त्रयोदशी पर्व की तिथि रहेगी। भारत रत्न डा. बाबा साहिब भीम राव अम्बेदकर जी की जयंती। दमदमा साहिब में मेला गुरु की काशी और खालसा पंथ साजना दिवस रहेगा।

इस शुभ योग में अपनी राशि के अनुसार उपाय करने से आपके सभी ग्रह दोषों का नाश होगा।

मेष: अग्नि तत्व प्रधान राशि के स्वामी मंगल की अनुकूलता के लिए शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाएं और “क्रौं ॐ नम: शिवाय क्रौं” मंत्र का जप करें।

वृष: पृथ्वी तत्व प्रधान राशि के स्वामी शुक्र की शांति के लिए शिवलिंग पर शक्कर का भोग लगाएं और “द्रों ॐ नम: शिवाय द्रों” मंत्र का जप करें।

मिथुन: वायु तत्व प्रधान राशि के स्वामी बुध की प्रसन्नता के लिए शिवलिंग पर पालक के पत्ते चढ़ाएं और “ब्रीं ॐ नम: शिवाय ब्रीं” मंत्र का जप करें।

कर्क: जल तत्व प्रधान राशि के स्वामी चंद्रमा की अनुकूलता के लिए शिवलिंग पर दूध से अभिषेक करें और “श्रां ॐ नम: शिवाय श्रां” मंत्र का जप करें।

सिंह: अग्नि तत्व प्रधान राशि के स्वामी सूर्य की शांति के लिए शिवलिंग के समीप गूगल जलाकर धूप करें और “ह्रौं ॐ नम: शिवाय ह्रौं” मंत्र का जप करें।

कन्या: पृथ्वी तत्व प्रधान राशि के स्वामी बुध की प्रसन्नता के लिए शिवलिंग पर दूर्वा चढ़ाएं और “ब्रों ॐ नम: शिवाय ब्रों” मंत्र का जप करें।

तुला: वायु तत्व प्रधान राशि के स्वामी शुक्र की अनुकूलता के लिए शिवलिंग पर दही चढ़ाएं और “द्रीं ॐ नम: शिवाय द्रीं” मंत्र का जप करें।

वृश्विक: जल तत्व प्रधान राशि के स्वामी मंगल की शांति के लिए शिवलिंग पर शहद चढ़ाएं और “क्रां ॐ नम: शिवाय क्रां” मंत्र का जप करें।

धनु: अग्नि तत्व प्रधान राशि के स्वामी गुरू की प्रसन्नता के लिए शिवलिंग पर केसर से तिलक करें और “ग्रौं ॐ नम: शिवाय ग्रौं” मंत्र का जप करें।

मकर: पृथ्वी तत्व प्रधान राशि के स्वामी शनि की अनुकूलता के लिए शिवलिंग पर तिल के तेल से अभिषेक करें और “प्रों ॐ नम: शिवाय प्रों” मंत्र जप करें।

कुंभ: वायु तत्व प्रधान राशि के स्वामी शनि की शांति के लिए शिवलिंग पर शमी के पत्ते चढ़ाएं और “प्रौं ॐ नम: शिवाय प्रौं” मंत्र का जप करें।

मीन: जल तत्व प्रधान राशि के स्वामी गुरू की अनुकूलता के लिए शिवलिंग पर कनेर के पीले फूल चढ़ाएं और “ग्रां ॐ नम: शिवाय ग्रां” मंत्र का जप करें।

राहू ग्रह की शांति के लिए शिवलिंग पर बादाम का तेल चढ़ाएं और “भ्रं भ्रां भ्रीं भ्रों भ्रौं ॐ नम: शिवाय भ्रौं भ्रों भ्रीं भ्रां भ्रं” मंत्र का जप करें।

केतु ग्रह की शांति के लिए शिवलिंग पर केले चढ़ाएं और “स्रं स्रा स्री स्रों स्रौं ॐ नम: शिवाय स्रौं स्रों स्री स्रौं” मंत्र का जप करें।

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