शिक्षा-दीक्षा हमारी संस्कृति की गौरवशाली परम्परा : राज्यपाल

जबलपुर। शिक्षा एवं दीक्षा हमारी संस्कृति की गौरवशाली परम्परा रही है। दीक्षान्त समारोह, वस्तुत विद्याॢथयों में उत्तरदायित्वों के प्रति संपूर्ण योग्यता होने की घोषणा करता है। इसलिये यह समागम शिक्षकों और आचार्यों के साथ-साथ उनके शिष्यों के लिये जीवन के श्रेष्ठतम् क्षणों में से एक है।

गांवों में शहरों की भॉंति सभी साधन व सुविधायें उपलब्ध कराकर युवाओं में गांवो के प्रति आकर्षण एवं आत्मिक भाव पैदा करना होगा। जिससे वे कृषि आधारित उद्योग स्थापित कर सकें। तदाशय के प्रेरक और प्रेरणास्पद उद्गार राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमति आनंदीबेन पटेल ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के गरिमामय 14 वें दीक्षान्त समारोह में अध्यक्षीय उदबोधन में व्यव्त किये।

उन्होंने उपाधिधारक छात्रों का आव्हान किया कि ली गई शपथ को आचरण और व्यवहार में ढ़ालकर मन में करूणा और संवेदना रखकर राष्ट्र और किसानों की सेवा करें। महामहिम राज्यपाल ने देश के सर्वेच्च कृषि संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर जनरल तथा अन्र्तराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध कृषि वैज्ञानिक पद्मभूषण डॉ. आर.एस. परौदा को ‘‘डॉक्टर ऑफ साइंस‘‘ की मानद उपाधि तथा छात्रों को स्वर्ण पदक, नगद परूस्कार एवं उपाधियों से विभूषित किया। राज्यपाल ने 3 करोड़ 77 लाख की लागत से निॢमत राष्ट्रीयस्तर के खेल परिसर एवं तरण-ताल का लोकार्पण किया।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली के उपमहानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉ. नरेन्द्र ङ्क्षसह राठौड़ ने अपने दीक्षांत भाषण में कहा कि देश के ७५ कृषि विश्वविद्यालयों में जनेकृविवि जबलपुर का कृषि शिक्षा, अनुसंधान व विस्तार के साथ-साथ विभिन्न प्रजातियों के विकास और उत्पादन में असाधरण योगदान है। उन्होंने छात्रों का आव्हान किया कि वे नौकरी के पीछे भागने की बजाय नौकरी देने में सक्षम बनें तथा इंडस्ट्रीज और उद्योगों का अहम हिस्सा बनें और दूसरों को रोजगार दें। इससे देश और समाज का भला होगा।

स्वागत भाषण एवं विवि प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुये कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन ने कहा कि विदेशी परिधानों को त्यागकर विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली हमने भारतीय परिधान में दीक्षान्त समारोह आयोजित किया है। हमारे छात्रों ने कृषि के साथ विभिन्न क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण, सुदीर्घ सेवाएं देकर देश का मान बढ़ाया है। आज हम अपनी श्रेष्ठता पर गर्व करते हैं यह कर्म से उत्पन्न होती है।

अब हम श्रेष्ठ से सर्वश्रेष्ठ होना चाहते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित प्रजातियां पूरे विश्व में अपनाई जा रही हैं। बीजोत्पादन में हम लगातार 15  वर्षे से देश में प्रथम स्थान पर हैं।
दीक्षांत समारोह में वर्ष 2013-14 बैच के स्नातक, 2016-16 बैच के स्नातकोत्तर एवं वर्ष 2014-15 बैच के विद्यावाचस्पति (पीएचडी) आदि कुल 693 छात्रों को उपाधियां, नगद पुरूस्कार एवं स्वर्ण पदक आदि से नवाजा गया। इनमें स्वर्ण पदक/नगद पुरूस्कार पाने वाले 10 छात्र भी शामिल हैं। 23 छात्रों को विद्यावाचस्पति व स्नातकोत्तर-230 एवं स्नातक-440 छात्र व छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं।

स्वर्ण पदक/नगद पुरूस्कार-स्नातक पाठयक्रम- १. मनोज कुमार पटेल बी.एस.सी. (कृषि) वारासिवनी (बालाघाट) को एक विवि स्वर्ण पदक, एक स्व. पं. श्रीकांत मिश्रा नगद पुरूस्कार रू. 3000/- एवं एक जनेकृविवि पेंशन परिषद् टेलेंट नगद पुरूस्कार प्रथम स्थान रू. 15000/- 2. कु. शताक्षी मिश्रा बी.एस.सी. (कृषि) रीवा को एक स्व. डॉ. आर.एल.गुप्ता स्वर्ण पदक एवं एक जनेकृविवि पेंशन परिषद् टेलेंट नगद पुरूस्कार द्वितीय स्थान रू. 10000/- तथा 3. श्री अर्पण दुबे बी.टेक. (कृषि अभि.) जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
स्नातकोत्तर पाठयक्रम- 1. कु. सुजाता के. एम.एस.सी. (कृषि) जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक एवं एक स्व. डॉ. डी.के. तिवारी स्वर्ण पदक, 2. श्री गोङ्क्षवद ङ्क्षसह लोधी एम.एस.सी. (कृषि) जबलपुर को स्व. डॉ. पी.के. निगम स्वर्ण पदक (प्लांट फिजियोलॉजी), ३. कु. सुभ्रा सद्दचिस्मिता एम.एस.सी. (वानिकी), जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक, 4. कु. प्रीति कुमारी एम.बी.ए. (कृषि), जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक तथा 5. पर्व नायक एम.टेक. (कृषि अभि.), जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
पी.एच.डी. उपाधि……
कृषि संकाय में….
सस्य विज्ञान विभाग- शंभु प्रसाद, शिवनाथ दास। कृषि विस्तार शिक्षा विभाग- आशुतोष शर्मा। पौध प्रजनन एवं अनुवांशिकी विभाग- देवीदास पटेल, सुनील चैधरी, कु. कनक सक्सेना। उद्यान शा विभाग (फल विज्ञान)- कु. सुचि परोहा, दलित कुमार जायसवाल। मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन शा विभाग- विनोद कुमार, सुकाल ङ्क्षसह पोर्ते। वानिकी विभाग (कृषि वानिकी)- छत्रपाल रांहागडाले। कीट शा विभाग- घुगल सोनल कुमार गोर्वधन। आणविक जीवविज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी- कचारे सतीश हरिभान, विश्व विजय ठाकुर, स्वप्निल सप्रे एवं श्रीमति कीॢत तन्तुवाय को तथा कृषि अभियांत्रिकी संकाय में-फार्म मशीनरी एवं पावर इंजीनियङ्क्षरग- कुंजबिहारी तिवारी, अभय कुमार सिन्हा, मो. कासिम। स्वाईल एंड वाटर इंजीनियङ्क्षरग- योगेश कुमार तिवारी, सौरभ नेमा, पुष्पेन्द्र सिकरवार एवं प्रोङ्क्षससिग एंड फुड इंजीनियङ्क्षरग की वर्षा कनौजिया को पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गयीं।

पूर्व में सरस्वती पूजन एवं वंदना की गई। राज्यपाल के साथ ग्रुपफोटो सेशन के बाद शोभा यात्रा आगमन एवं सश बल 6 वीं बटालियन के बैंड दल द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगान के साथ शुरू हुए दीक्षान्त समारोह का समापन भी राष्ट्रगान तथा शोभा यात्रा प्रस्थान के साथ हुआ। कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन ने अतिथियों को पुष्प, शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कुलसचिव अशोक कुमार इंगले, अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. पी.के. मिश्रा तथा अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी संकाय डॉ. आर.के. नेमा ने उपाधि हेतु छात्रों का नाम प्रस्तावित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमित शर्मा ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *