नगर निगम के कर्मचारीयों को मिलेगी ‘जादुई घड़ी’ बताएगी लोकेशन, ऐसे होगी एक्टिवेट

इंदौर। नगर निगम कमिश्नर से लेकर निचले स्तर के कर्मचारियों की कलाई में जल्द ही एक ‘जादुई घड़ी’ नजर आएगी, जो उनकी नब्ज पकड़कर काम कराएगी। कई खूबियों वाली यह घड़ी बांधने से अफसरों और कर्मियों की लोकेशन पता चलेगी। जैसे ही वे अपने तय कार्यक्षेत्र में दाखिल होंगे, घड़ी एक्टिवेट हो जाएगी। इसमें लगा ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) उनकी लोकेशन बता देगा। यह संदेश आते ही उसकी उपस्थिति दर्ज हो जाएगी।

यदि किसी अधिकारी ने कार्य समय के दौरान यह घड़ी उतारी या किसी और व्यक्ति ने इसे पहना तो यह जानकारी भी घड़ी कंट्रोल सेंटर को दे देगी। इस महीने इसका इस्तेमाल शुरू हो जाएगा। इससे पहले नागपुर में ट्रायल हो चुका है। इस बहुपयोगी ‘इमट्रैक’ नाम की घड़ी का को बेंगलुरु स्थित भारत सरकार के पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग इंडियन टेलीफोनिक इंस्टिट्यूट (आईटीआई) ने विकसित किया है। इसमें कैमरा, सिम और जीपीएस लोकेटर से लेकर आवंटित व्यक्ति को पहचानने के लिए पल्स डिटेक्टर तक दिया गया है। पल्स डिटेक्टर नब्ज गिनकर सुनिश्चित करेगा कि जिस व्यक्ति को घड़ी दी गई है, उसे उसी ने पहना है।

आठ हजार घड़ियों का ऑर्डर, हर महीने 250 रुपए प्रति घड़ी का खर्च

निगम में लगभग 14 हजार अधिकारी और कर्मचारी हैं। पहले चरण में निगम ने आठ हजार घड़ियों का ऑर्डर दिया है। निगम को हर घड़ी के लिए हर महीने 250 रुपए का भुगतान करना होगा।

अगस्त से 10-15 दिन में घड़ियां आने लगेंगी। सबसे पहले यह घड़ी कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर और इंजीनियर बांधेंगे। नए सिस्टम से अफसरों और कर्मचारियों में अनुशासन बढ़ेगा। – आशीष सिंह, निगमायुक्त

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *