यह सब संभव होगा माइक्रो एटीएम ऑक्सीजन मशीनों के जरिए। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन (आईओसीएल) ने इसके लिए आक्सीजन माइक्रो एजेंसी और आईडीएफसी बैंक के साथ करार किया है। भोपाल के दो पेट्रोल पंपों में तो मशीनें इंस्टॉल भी हो गई हैं। राजधानी में इसकी शुरुआत आईओसीएल के 26 पेट्रोल पंपों से होगी।

बता दें कि डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के तहत राजधानी को कैशलेस में नंबर वन बनाने के लिए बुधवार को स्मार्ट सिटी कापार्रेशन लिमिटेड ने सभी पेट्रोल पंपों सहित अन्य एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की थी। बैठक में आईओसीएल के वरिष्ठ प्रबंधक आजम मतीन ने बताया था कि भोपाल के पेट्रोल पंपों को आगामी दो माह में इस तरह की सर्विस के लिए तैयार कर लिया जाएगा।

क्या है माइक्रो एटीएम ऑक्सीजन मशीन, कैसे होगा पेमेंट

माइक्रो एटीएम ऑक्सीजन मशीन एक तरह की प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन है, जो रिटेल नेटवर्क के जरिए पैसे ट्रांसफर करती है। यह मशीन डेबिट, के्रडिट, क्यूआर कोड, भीम और आधार-पे और यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की सेवा एक साथ उपलब्ध कराती है। इसके लिए मशीन में एक बार केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी, इसके बाद किसी भी पेट्रोल पंप से आप अपना अगूंठा लगाकर भुगतान कर सकते हैं।

सेल्फ सर्विस की भी होगी शुरुआत

पेट्रोलियम कंपनियां 6 से 8 महीने में भोपाल में ऐसी मशीनें लगाने जा रही हैं, जो सेल्फ सर्विस वाली होंगी। इस मशीन से उपभोक्ता अपने वाहनों में सेल्फ सर्विस से पेट्रोल-डीजल भरवा सकेंगे और पेमेंट भी ऑनलाइन कर सकेंगे। इसके लिए पेट्रोलियम कंपनियों ने विदेशों से मशीनें बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भोपाल ही नहीं, बल्कि देशभर के बड़े-बड़े शहरों के पेट्रोल पंपों पर यह मशीनें लगाई जाएंगी या फिर सेल्फ सर्विस पेट्रोल पंप ही खोला जाएगा।

फ्यूल चोरी की नहीं होगी शिकायत

कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने शहर के पेट्रोल पंपों पर जल्द ही दो तरह की व्यवस्था लागू की जाएगी। पहली सेल्फ सर्विस मशीन। इसके जरिए उपभोक्ता क्रेडिट या डेबिट कार्ड के जरिए पट्रोल भरवा सकेंगे। दूसरी हाईटेक व्यवस्था होगी, इसमें पेट्रोल पंपों पर माइक्रो एटीएम ऑक्सीजन मशीन लगाई जाएगी, जो आधार से लिंक होगी। इस पर अंगूठा लगाने पर सीधे अकाउंट से भुगतान हो जाएगा। इस व्यवस्था से फ्यूल चोरी की शिकायतें भी खत्म हो जाएंगी।

-डॉ. सुदाम पी. खाडे, कलेक्टर भोपाल

खुद भर सकेंगे गाड़ी में पेट्रोल

सेल्फ सर्विस सिस्टम के जरिए उपभोक्त स्वयं गाड़ी में पट्रोल-डीजल भर सकेंगे। इसके लिए कर्मचारी की जरूरत नहीं होगी। आपको बस मशीन के जरिए पेमेंट करना होगा। मैं स्वयं रसिया, दुबई व जर्मनी में सेल्फ सर्विस पेट्रोल-डीजल डिलीवरी सेवा को देख चुका हूं। पेट्रोलियम कंपनियां पंप संचालकों को यह जानकारी दे चुकी हैं कि इस तरह की व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी।