पुलिस पूरे गिरोह को पकड़ने की तैयारी में जुट गई है। संस्था की ओर से अब तक जितने भी बच्चों की खरीद-बिक्री की गई, पुलिस उनके खरीदारों की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस ने सभी खरीदारों पर प्राथमिकी दर्ज करेगी। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में अब तक सात अप्राथमिकी आरोपितों के नाम और जोड़े गए हैं। पूर्व में सीडब्ल्यूसी ने केवल अनिमा इंदवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

पुलिस की जांच में बच्चे की खरीद-फरोख्त में शामिल रहने वाली सिस्टर कांसिलिया बाखला, बच्चों की बिक्री के लिए माध्यम बनी सदर अस्पताल की गार्ड मधु कुमारी, बच्चे को खरीदने वाले उत्तरप्रदेश सोनभद्र जिले के ओबरा निवासी व्यवसायी दंपती सौरभ कुमार अग्रवाल एवं प्रीति अग्रवाल समेत आठ लोगों के नाम सामने आए हैं।

इधर गुरुवार को सिस्टर कांसिलिया को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी स्वयंभू की अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं निर्मल हृदय की हेड सिस्टर मेरी को हिरासत में ही रखा गया है। पुलिस ने अनिमा सहित अन्य सिस्टरों के पास से 1.49 लाख रुपये जब्त किए हैं।

नाबालिग मां ने कहा है, पिता का नाम नहीं बता सकती : बच्चे की बिक्री के लिए उसकी नाबालिग मां से शपथ पत्र करवाया गया है। शपथ पत्र में पीड़िता ने कहा है कि मैं अपनी भूल, लोक लज्जा, सामाजिक बदनामी, आर्थिक तंगी के कारण इस बच्चे को नहीं रख सकती। लालन-पालन नहीं कर सकती और पिता का नाम नहीं दे सकती हूं।

इस वजह से परिचित मधु और अनिमा के माध्यम से निस्संतान दंपती को देने का फैसला लिया है। अनिमा व मधु ने सौरभ कुमार अग्रवाल और उनकी पत्नी प्रीति अग्रवाल से मिलवाया। मैं बिना किसी भय व दबाव के अपने बच्चे को सौरभ कुमार को सौंप रही हूं। यह शपथ पत्र नॉटरी पब्लिक से कराया गया है।

सिमडेगा की दंपती के खरीदार के पास बकाया है 50 हजार : पुलिस की पूछताछ में सिस्टर कांसिलिया ने कहा है कि कई बच्चों की बिक्री की गई है। हालांकि निश्चित आंकड़ा और विस्तृत ब्योरा फाइल देखने के बाद ही दे पाऊंगी। फाइल कहां है, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है।

इससे पहले अनिमा इंदवार ने बताया था कि उसने सिमडेगा के एक परिवार से एक पीड़िता के बच्चे की बिक्री की है। इससे 50 हजार में सौदा तय हुआ था, लेकिन पैसे उधार हैं। पुलिस संबंधित दंपती का पता लगा रही है।

अनिमा ने रांची के मोरहाबादी और कांटाटोली में भी दो बच्चों को 50-50 हजार में बेचा है। एक अन्य मुस्लिम महिला के बच्चे को बेचा गया है। सभी बच्चों की बिक्री के पैसे को सिस्टरों व अनिमा ने मिलकर आपस में बांट लिया था।

मां अब वापस बच्चे को पाना चाहती है : सोनभद्र निवासी दंपती को बच्चा बेचने वाली मां अब अपना बच्चा वापस पाना चाहती है। उसने सीडब्ल्यूसी से कहा है कि उसे बच्चा दिला दिया जाए। वह बच्चे को पालना चाहती है। सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष रूपा कुमारी ने कहा है कि मां को कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्चा वापस दिया जा सकता है। पीड़िता गुमला की है।