वॉशिंगटन। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आर्थिक संकट गहरा गया है। यहां लोगों के पास चीजों को खरीदने या सेवाओं को लेने के लिए पैसे नहीं हैं। लिहाजा वे बार्टर सिस्टम अपना रहे हैं। यानी वे एक सामान या सेवा लेने के लिए दूसरा सामान दे रहे हैं। आलम यह हो गया है कि बाल कटवाने के लिए लोग पांच केले और दो अंडे देकर काम चला रहे हैं।

वेनेजुएला के बैंकों से इस वक्त करंसी निकालना मुश्किल हो गया है। लोगों को पैसे देखने को नहीं मिल रहे हैं। कभी लातिन अमेरिकी देशों में वेनेजुएला को सबसे समृद्ध देश माना जाता था। इस देश के पास पर्याप्त तेल के भंडार हैं, लेकिन इसके बावजूद वहां की अर्थव्यवस्था आज बुरे दौर से गुजर रही है।

लोग पैसे, खाना और मूलभूत जरूरतों को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। वेनेजुएला के आर्थिक संकट पर विशेषज्ञों की राय है कि महंगाई बेहिसाब बढ़ी, लेकिन देश में उसेक अनुपात में कैश का इंतजाम नहीं हो सका। राष्ट्रीय बैंक कैश की किल्लत को दूर नहीं कर पाए जिसके कारण आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां लगातार बढ़ती चली गईं।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के कार्यकाल में देश आर्थिक मोर्चे पर लगातार घिरा हुआ है। इस साल मई में मादुरो फिर से वेनेजुएला के राष्ट्रपति चुने गए हैं। हालांकि, राष्ट्रपति चुनाव पर अमेरिका और कई अन्य देशों ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

देश में जरूरी खाद्यान्न और दवाइयों की कमी है। इसके साथ ही अमेरिका के साथ चल रहे ट्रेड वॉर जैसे हालात के कारण भी वेनेजुएला को मुश्किल हालात झेलने पड़ रहे हैं।