MP : मुरैना जिले के सुमावली में हमेशा होता है त्रिकोणीय संघर्ष

मुरैना। जिले की सुमावली विधानसभा सीट पर भाजपा, कांग्रेस व बसपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला रहता है। गुर्जर, राजपूत व कुशवाह समाज के मतदाताओं के थोड़ा सा इधर-उधर होने पर परिणाम बदल जाता है। हालांकि वर्तमान में क्षेत्र में भाजपा के कार्यकर्ता सक्रिय हैं और अंतर्कलह जैसी स्थिति नहीं है। कांग्रेस व बसपा के कार्यकर्ता निष्क्रय हालत में हैं।

चूंकि यहां पर कांग्रेस व भाजपा के परंपरागत प्रत्याशियों के बीच में ही मुकाबला होता आया है। जिसमें कभी कांग्रेस प्रत्याशी भारी पड़ते हैं तो कभी भाजपा प्रत्याशी, इसलिए इन्हीं दोनों दलों पर सबकी नजरें रहती हैं। फिलहाल दोनों ही दलों के पास दूसरे चेहरे चुनाव लड़ने के लिए नहीं हैं लेकिन चुनाव के नजदीक आने पर क्षेत्र में प्रत्याशियों में बदलाव भी देखने को मिल सकता है।

इस क्षेत्र में एक रोचक समीकरण और दिखाई दे रहा है। विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार के बड़े भाई सतीश सिकरवार भी ग्वालियर से भाजपा से टिकट की दौड़ में हैं। यदि ग्वालियर से सतीश सिंह को टिकट मिलता है तो सुमावली से उनके भाई सत्यपाल सिंह का टिकट भाजपा से कट सकता है। ऐसे में भाजपा के सामने सुमावली में उम्मीदवार का संकट खड़ा हो जाएगा और पार्टी को नए विकल्प देखना पड़ेंगे।

फैैक्ट फाइल

सुमावली

कुल मतदाता- 233789

पुरुष मतदाता- 129984

महिला मतदाता- 103805

मतदान केंद्र- 294

जातीय समीकरण: गुर्जर, सिकरवार (राजपूत) ब्राह्मण व कुशवाह मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं।

2013 का परिणाम

सत्यपाल सिंह सिकरवार भाजपा 61557

अजब सिंह कुशवाह बसपा 47481

एदल सिंह कांग्रेस 41189

पिछले दो चुनावों की स्थिति

पार्टी 2003 – 2008

भाजपा 39.55 – 26.33

कांग्रेस 29.48 – 38.63

बसपा 10.1 – 30.61

(वोट प्रतिशत में)

पांच बड़े वादे और उनकी स्थिति

विधायक सत्यपाल सिंह ने क्षेत्र के पेजयल संकट को हल करने, टप्पा तहसील खुलवाने, बिजली के सब स्टेशन लगवाने, सड़कों को बनवाने का वादा किया था। पानी के संकट को हल करने के लिए आसन बैराज का काम चल रहा है। साथ ही टप्पा तहसील भी शुरू हो गई है। बिजली के सब स्टेशन भी लगाए गए हैं। साथ ही सड़कों का निर्माण कुछ कम हुआ है।

आमने- सामने

विधायक से सीधी बात

– पानी की समस्या हल करने के लिए नलजल योजनाएं शुरू करवाईं व हैंडपंप लगवाए हैं। साथ ही सिंचाईं की समस्या के लिए आसन बैराज का काम चल रहा है। बिजली के लिए करीब आधा दर्जन सब स्टेशन भी लगवाए हैं। क्षेत्र के संपूर्ण विकास का प्रयास किया है।

सत्यपाल सिंह सिकरवार, भाजपा विधायक

सामने चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी का मत

– विधायक ने क्षेत्र में विकास के नाम पर घोषणाएं की हैं लेकिन वे पूरी नहीं हुई और न ही क्षेत्र में सड़कों पर काम हो पाया है। पेयजल समस्या भी हल नहीं हो पाई। क्षेत्र में विकास योजनाओं के नाम पर भ्रष्टाचार भी हो रहा है।

एदल सिंह कंषाना, कांग्रेस

क्षेत्र की बड़ी समस्याएं

– क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट है। खासतौर से जंगली क्षेत्र के लोग पलायन कर रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की वजह से भी लोगों को जिला मुख्यालय आना पड़ता है। रोजगार के लिए भी युवाओं का पलायन हो रहा है।

2018 के संभावित प्रत्याशी

भाजपा: विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार

कांग्रेस: एदल सिंह कंषाना, मनोज पाल सिंह

बसपा: अजब सिंह कुशवाह, बैजनाथ कुशवाह

वर्तमान में मैदानी स्थिति

कार्यकर्ताओं की सक्रियता की वजह से भाजपा फिलहाल मजबूत

वर्तमान में सुमावली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के कार्यकर्ता सक्रिय हैं। बसपा व कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता सुस्त हैं। ऐसे में जमीनी स्तर पर भाजपा मजबूत नजर आ रही है। हालांकि भावांतर सहित अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन न होने से भाजपा को लेकर लोगो में कुछ असंतोष जरूर है। क्षेत्र के कई गांवों में हमेशा जलसंकट की स्थिति रहती है। इसकी नाराजगी भी भाजपा उम्मीदवार को झेलना पड़ सकती है।

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