नेपियर टाउन में 79 लाख की डकैती कर भागे डकैत, क्षेत्र में दहशत, जानिये कैसे डकैतों ने अंजाम दी घटना

जबलपुर। शहर के पॉश कालोनी में डकैतों ने एक घर में धावा बोलकर करीब 75 लाख रुपए के जेवरात और 4 लाख रुपए नगद लेकर भाग निकले। यह वारदात रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात करीब २ बजकर ४० मिनिट पर कबीर रोड नेपियर टाउन निवासी निखिल अग्रवाल के आवास पर हुई। डकैती की रिपोर्ट मिलने पर ओमती पुलिस के साथ आईजी अनंत कुमार सिंह, डीआईजी भगवत सिंह चौहान, एसपी कुमार सौरभ, एडी.एसपी राजेश तिवारी, एडी.एसपी संदीप मिश्रा, सीएसपी दीपक मिश्रा मौके पर पहुंचे और मामले की तफ्तीश शुरू की। डकैत अभी तक पुलिस पकड़ से दूर हैं।

ओमती थाना प्रभारी अरङ्क्षवद चौबे ने बताया कि निखिल अग्रवाल की रसल चौक पर रूपकला कलर लैब गैलरी के नाम से बड़ी दुकान है। दुकान बंद कर निखिल रात १२ बजे के करीब घर पहुंचे और अपने परिवारजनों के साथ ऊपर वाले कमरे में चले गये। रात करीब २ बजकर ४० मिनिट पर पालतू कुत्ते के भौंकने की आवाज आने पर निखिल ने अपने घर के ऊपरी हिस्से से नीचे झांका और कोई भी नहीं दिखने पर सीसीटीवी भी देखा। जब उसके बाद भी कुत्ते के भौंकने की आवाज आती रही तो निखिल ने नीचे आकर बाहर देखने के लिए घर का मुख्य दरवाजा खोला तभी ७-८ नकाबपोशों में से एक ने निखिल की छाती पर रिवाल्वर रख दी और भीतर ढकेल दिया। इसके बाद सभी डकैत भीतर घुस आए। घर में मचा हो हल्ला सुनकर निखिल के पिता केके अग्रवाल अपने कमरे से निकल आए। उनके बाहर आते ही डकैतों ने उनके सिर पर रॉड मार दी। जिससे उनका सिर फट गया। इसके बाद डकैतों ने आतंक पैदा करते हुए घर में रखी सोने, हीरे की ज्वेलरी, कीमती सामान और ४ लाख रुपये नकद ले गए। इस दौरान डकैतों ने निखिल सहित उनके परिवार के सदस्यों के हाथ बिस्तर पर बिछे चादर फाडक़र बांध दिए थे।

टी शर्ट और बरमूडा में थे डकैत
निखिल ने पुलिस को बताया कि सभी बरमूडा टाईप हाफ पेंट और टी शर्ट पहने हुए थे। चेहरे ढंके हुए थे। एक के पास रिवाल्वर और बाकी हाथों में लोहे की रॉड और बेसबॉल का डंडा था। जाते-जाते बदमाशें ने निखिल के सिर पर भी रॉड से हमला कर दिया।

५० लाख रुपए चाहिए
घर में घुसते ही डकैतों ने कहा कि कहां रखे हैं रुपए, हमें ५० लाख रुपये चाहिए। बिल्डर हो रुपया तो रखा होगा। बदमाशों की धमकी से डरी मां ने तिजोरी की चाबियां पकड़ा दीं। इसके बाद इन बदमाशों ने घर की चादर फाडकर सबको बांध दिया और एक कमरे में बंधक बना लिया। लूटपाट करने के बाद भाग खड़े हुए। बंधक बने निखिल और परिजनों को जब यह आभास हो गया कि डकैत भाग चुके होंगे तो उन्होंने बचाव के लिए आवाजें लगाईं और उनकी आवाजें सुनकर घर के पीछे स्थित आशियाना अपॉर्टमेंट के निवासी संजय पालीवाल ने सबसे पहले पुलिस को सूचना दी और तुरंत ही कुछ लोगों के साथ निखिल अग्रवाल के घर पहुंच गए। तब तक डकैत भाग चुके थे लेकिन डकैती से प्रभावित पूरा परिवार बदहवासी की हालत में था।

सीसीटीवी में कैद हुए डकैत
घर के बाहर लगे सीसीटीवी में डकैतों का हुलिया कैद हो गया है। घर मे घुसने से पहले बदमाशों ने कैमरे पर पट्टी चिपका दी थी और भीतर जाकर डीवीआर बंद कर दिया था। डीवीआर ले जाना भूल गए। डीवीआर में कैद हुलिया से डकैतों को पकड़ने में आसानी होगी।

ट्रेन से भागने का अंदेशा
निखिल के घर पास ही रेल लाईन है। रात करीब साढे तीन बजे एक ट्रेन आऊटर पर खडी थी। अंदेशा जताया जा रहा है कि भागने के बाद डकैत इसी ट्रेन में चढ़ गए होंगे। माना जा रहा है कि डकैत जबलपुर से बाहर के थे और उन्होंने पहले ही मकान और इलाके की रेकी कर रखी थी।

इलाज के लिये अस्पताल पहुंचे
वारदात के बाद घायल केके अग्रवाल उपचार के लिये जबलपुर हास्पिटल पहुंचे। जहां उनके सिर में टांके लगाए गए। निखिल अग्रवाल के भी सिर में गहरी चोट लगी है। डकैती की इस घटना से इलाके के रहवासी दहशत में हैं।

पुलिस हाई अलर्ट पर
डकैती के घटना की खबर पर जबलपुर जोन के आईजी अनंतकुमार खुद घटना स्थल पर पहुंचे और पूरी जानकारी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस टीमें लगी हुई हैं। कुछ सुराग मिले हें, जल्द ही डकैत पुलिस की गिरफ्त में होंगे। उधर पुलिस अधीक्षक कुमार सौरभ ने कहा कि लुटेरों की धरपकड़ के लिए ७ टीमें बनाई गई हैं। अलग-अलग स्थानों पर रवाना कर दी गई हैं। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस बदमाशों को खोजने सक्रिय है। पुलिस ने निखिल अग्रवाल के घर के सामने रेलवे लाइन से लगे हुए खाली प्लॉट का भी निरीक्षण किया, जहां उन्हें डकैती के महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और माना जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में कुछ संदिग्धों की गिरफ्तारी हो सकती है।

गौरतलब है कि डकैती की सूचना मिलने पर सबसे पहले मौका-ए-वारदात पर पहुंचने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में एडीशनल एसपी राजेश तिवारी, एडीशनल एसपी संदीप मिश्रा और कोतवाली सीएसपी दीपक मिश्रा थे। उससे पहले ओमती टीआई अरविंद चौबे घटनास्थल पर पहुंच चुके थे। ओमती सीएसपी शशिकांत शुक्ला घटनास्थल पर एसपी के पहुंचने के बाद लगभग सुबह 6 बजे पहुंचे। एडीशनल एसपी श्री तिवारी ने मौके का मुआयना कर परिजनों से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस इस मामले में कोई भी कसर नहीं छोड़ेगी। श्री तिवारी ने वरिष्ठ अधिकारियों आईजी अनंत कुमार सिंह और एसपी कुमार सौरभ को भी घटना की जानकारी दी। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंच गया। एफएसएल की टीम और पुलिस के स्निफर डॉग को भी मौके पर बुलाया गया जहां एफएसएल की टीम ने जरूरी सबूत इक_े किये। स्निफर डॉग घटनास्थल से मदनमहल रेलवे स्टेशन तक जाकर रुक गया जिससे माना जा रहा है कि डकैत वारदात को अंजाम देने के बाद ट्रेन में बैठकर भाग निकले। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे डकैतों की कदकाठी के अनुसार पतासाजी करते हुए रातभर रेलवे स्टेशनों, बस स्टैण्ड और सार्वजनिक स्थलों पर खोजबीन की लेकिन फिलहाल उनके हाथ अभी तक खाली हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *